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Showing posts from June, 2024

|| नेपाल कि कुमारी प्रथा || Kumari Pratha Of Nepal

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  नेपाल भारत और चीन के बीच का देश है जो वेसे तो बहुत छोटा है जिसकी कुल आबादी 3.05 कड़ोड़ है लेकिन यह देश बहुत सारे आजुबो से भरा हुआ है | नेपाल जो कि यहा के मंदिरों के साथ साथ यहा के त्युहारो कि वजह से भी प्रसिद्ध है यहा के मंदिरों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है पशुपतिनाथ मंदिर जो कि हिन्दूओ के लिये बड़ा महत्वपूर्ण है जो कि बारह ज्युतिरलिंगो में से एक है|नेपाल भी भारत के समान ही सभी धर्मो को माने वाला देश है जहा  हिन्दू , इस्लामिक  ,बुद्ध ,और जैन धर्म के लोग रहते है | जहा पर दुनिया का सबसे ऊचा पर्वत माउन्ट एवरेस्ट स्थित है | गौतम बुद्ध का जन्म भी नेपाल में ही हुआ था | साथ ही काठमांडू जो कि नेपाल कि राजधानी है | नेपाल में सिर्फ इन्ही चीजो के लिये नही बल्कि वह के मंदिरों के प्रसिद्ध है वह 3000 से भी ज्यादा मंदिर है नेपाल के हर मोड़ पर आपको एक मंदिर दिखेइ देगा शायद इसी लिये नेपाल भारत के ही जेसा दिखेइ देता है और यहा तक वह के त्युहार भी भारत के त्युहारो से मिलते है नेपल में अलग अलग प्रकार से डांस व संगीत होता है जेसे थारू शिख और पीकॉक डांस के बारे में तो आपने सुना ही होगा यहा पर दर्श...

|| कामाख्या देवी मंदिर || Kamakhiya Devi Mandir

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भारत में ऐसे कई मंदिर मगर क्या आप लोग जानते है एक एसा भी मंदिर है जिस मंदिर किसी मूर्ति या तस्वीर कि पूजा नहीं होती बल्कि उस मंदिर में माता के एक अंग कि पूजा कि जाती है | हम बात कर रहे है कामख्या देवी मंदिर कि जहा देवी कि मूर्ति कि नही बल्कि उनकी योनी कि पुज्जा कि जाती है | यह मंदिर एक एसा मंदिर है जहा 10 तांत्रिक देवियों कि पूजा कि जाती है | यही नही यह मंदिर 52 शक्ति पीठो में से एक है | यही नही इस शक्ति पीठ को बड़ा शकिशाली माना जाता है | कामाख्या देवी मंदिर एक ऐसा मंदिर जहा एक स्त्री के उस अंग कि पूजा कि जाती है जो कि सबसे शक्तिशाली माना जाता है |  कामाख्या मंदिर  कामाख्या देवी मंदिर  जो कि पुरे भारत में प्रसिद्ध है | यह मंदिर ५२ शक्तिपिठो में से एक है | यह मंदिर ज्यादातर आघोरी और तांत्रिको का गढ माना जाता है | कामाख्या देवी मंदिर असम कि राजधानी दिसपुर कर समीप गुवाहाटी से 8 किमी दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है | यह मंदिर भारत के बाकि सारे मंदिरों से काफी अलग है क्युकी इस मंदिर में किसी मूर्ति कि या किसी तस्वीर कि पूजा नहीं होती बल्कि इस मंदिर में देवी कि योनी कि पूजा होती ह...